मार्च में शेयर बाजार का ट्रेंड: निफ्टी ने अब तक दिया करीब 3% का रिटर्न, लेकिन बढ़ता US बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल का दाम बिगाड़ सकते हैं मूड


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मुंबई3 मिनट पहले

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शेयर बाजार के लिए मार्च का महीना काफी उतार-चढ़ाव भरा रहता है। 2021 में निवेशकों को इस महीने में अब तक 3% का पॉजिटिव रिटर्न मिल चुका है, लेकिन पिछले साल कोरोना के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ था। समान अवधि में निफ्टी 23% से ज्यादा फिसल गया था।

10 सालों में बुल और बीयर के बीच टकरार का हाल
एक्सचेंज डेटा के मुताबिक पिछले 10 सालों में मार्च के महीने में बढ़त और गिरावट का ट्रेंड रहा है। इस दौरान निवेशकों को 10 में से 5 बार पॉजिटिव रिटर्न मिला है। मार्च 2016 में निवेशकों को सबसे ज्यादा 10%, 2011 में 9% और 2019 में 7% का रिटर्न मिला, जबकि मार्च 2020 में 23% का भारी नुकसान हुआ था। हालांकि, फरवरी 2021 में निवेशकों को 6% का रिटर्न मिला।

US बॉन्ड यील्ड और क्रूड ऑयल की चाल तय करेगी बाजार की दिशा
आने वाले दिनों में भी बाजार की दिशा काफी कुछ अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और इंटरनेशनल ऑयल मार्केट में कच्चे तेल की चाल पर होगी। इसी का नतीजा रहा कि पिछले हफ्ते शेयर बाजार लगातार दो दिन गिरावट के साथ बंद हुए। LKP सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड एस रंगनाथन के मुताबिक बॉन्ड यील्ड और तेल में बढ़त के चलते शेयर बाजार में बिकवाली हुई।

कोटक सिक्योरिटीज की रस्मिक ओझा का भी मानना है कि मार्च में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। शेयर बाजार की चाल ग्लोबल संकेतों पर निर्भर होगा, क्योंकि बजट के बाद बाजार के लिए कोई बड़ा घरेलू ट्रिगर नहीं है।

बॉन्ड मार्केट का असर इक्विटी बाजार पर क्यों होता है ?
पूरी दुनिया में शेयर बाजार की तुलना में बॉन्ड मार्केट काफी बड़ा है। अमेरिका का सेंट्रल बैंक फेडरल रिजर्व ने पैसे की कम लागत को बरकरार रखने का आश्वासन दिया है। निवेशक इस जोखिम को समझते हैं, यदि कर्ज लेने की लागत बढ़ जाती है तो कंपनियों का डिस्काउंटेड कॅश फ्लो (DCF) मूल्य गिर जाएगा। इसका सीधा असर इक्विटी के प्राइस पर होगा। यह एक नेगेटिव एलिमेंट है, जो इक्विटी यानी शेयर बाजार में अब अपना प्रभाव दिखाता है।

बुल मार्केट के लिए बीच-बीच में गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का अवसर
मार्केट एनालिस्ट ने बीच-बीच में आने वाली गिरावट को एक हेल्दी बुल मार्केट का हिस्सा बताया। ऐसे में निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए किसी भी गिरावट में खरीदारी की सलाह है। मौजूदा बुल मार्केट ट्रेंड में 4 बड़े प्राइस करेक्शन देखने को मिला, जो करीब 7-11% के बीच रहा और इनका औसत 9.5%।

शेयर बाजार में विदेशी और घरेलू निवेशकों का ट्रेंड
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने पिछले साल मार्च में बाजार से 60 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा निकाले, जो अब नेट बायर नजर आ रहे हैं। इसी तरह मार्च महीने के आकंड़ों को देखें तो पिछले 10 साल में से 6 साल घरेलू बाजार में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बिकवाली की है।

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