निलंबित कोतवाल और एसएसआई पर मुकदमा दर्ज


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निलंबित कोतवाल और एसएसआई पर मुकदमा दर्ज
मोदीनगर। अवैध हिरासत में रखने तथा गोकश से सेटिंग के बाद मामूली धारा में चालान करने के मामले में कप्तान द्वारा गत शनिवार रात सस्पेंड किए गए भोजपुर कोतवाल व वरिष्ठ उपनिरीक्षक के खिलाफ पुलिस ने भोजपुर थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा कार्यवाहक थानाध्यक्ष शीलेंद्र कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है। जिसकी जांच डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।
गत 31 मार्च को भोजपुर थाना क्षेत्र के फरीदनगर कस्बे में गोकशी की सूचना के बाद पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था। थाना पुलिस पर दो आरोपियों को बिना कार्रवाई के छोड़ने तथा एक आरोपी का मामूली धारा में चालान करने का आरोप लगा था। मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई तो भोजपुर पुलिस कटघरे में आ गई। कप्तान अमित पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारी को जांच सौंपी। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसएसपी ने गत शनिवार रात तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार तथा वरिष्ठ उपनिरीक्षक शकील अहमद को निलंबित कर मुकदमे के आदेश दिए थे। कप्तान के आदेश के बाद मंगलवार रात निलंबित दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं कार्यवाहक थानाध्यक्ष शीलेंद्र कुमार का कहना है कि एसपी ग्रामीण के निर्देश पर उनकी ओर से निलंबित इंस्पेक्टर तथा वरिष्ठ उपनिरीक्षक के खिलाफ अवैध रूप से हिरासत में रखने तथा भ्रष्टचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसकी जांच डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।
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एक बार फिर दागदार हुई गाजियाबाद पुलिस
भ्रष्टाचार के आरोपो को लेकर गाजियाबाद पुलिस पिछले करीब डेढ़ साल से सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार के मामले में पहले इंस्पेक्टर दीपक शर्मा,लक्ष्मी चौहान सहित कई पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। अब भोजपुर के तत्कालीन इंस्पेक्टर और एसएसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से गाजियाबाद पुलिस पर एक बार फिर धब्बा लगा है। इसके अलावा कप्तान ने पिछले माह चोरी की गाड़ी को रंग बदलवा कर इस्तेमाल करने के आरोप में सिपाही विपिन जावला को भी निलंबित किया था।

निलंबित कोतवाल और एसएसआई पर मुकदमा दर्ज

मोदीनगर। अवैध हिरासत में रखने तथा गोकश से सेटिंग के बाद मामूली धारा में चालान करने के मामले में कप्तान द्वारा गत शनिवार रात सस्पेंड किए गए भोजपुर कोतवाल व वरिष्ठ उपनिरीक्षक के खिलाफ पुलिस ने भोजपुर थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा कार्यवाहक थानाध्यक्ष शीलेंद्र कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है। जिसकी जांच डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।

गत 31 मार्च को भोजपुर थाना क्षेत्र के फरीदनगर कस्बे में गोकशी की सूचना के बाद पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया था। थाना पुलिस पर दो आरोपियों को बिना कार्रवाई के छोड़ने तथा एक आरोपी का मामूली धारा में चालान करने का आरोप लगा था। मामले से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई तो भोजपुर पुलिस कटघरे में आ गई। कप्तान अमित पाठक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चाधिकारी को जांच सौंपी। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर एसएसपी ने गत शनिवार रात तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार तथा वरिष्ठ उपनिरीक्षक शकील अहमद को निलंबित कर मुकदमे के आदेश दिए थे। कप्तान के आदेश के बाद मंगलवार रात निलंबित दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं कार्यवाहक थानाध्यक्ष शीलेंद्र कुमार का कहना है कि एसपी ग्रामीण के निर्देश पर उनकी ओर से निलंबित इंस्पेक्टर तथा वरिष्ठ उपनिरीक्षक के खिलाफ अवैध रूप से हिरासत में रखने तथा भ्रष्टचार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिसकी जांच डिप्टी एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे।

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एक बार फिर दागदार हुई गाजियाबाद पुलिस

भ्रष्टाचार के आरोपो को लेकर गाजियाबाद पुलिस पिछले करीब डेढ़ साल से सुर्खियों में है। भ्रष्टाचार के मामले में पहले इंस्पेक्टर दीपक शर्मा,लक्ष्मी चौहान सहित कई पर रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। अब भोजपुर के तत्कालीन इंस्पेक्टर और एसएसआई के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने से गाजियाबाद पुलिस पर एक बार फिर धब्बा लगा है। इसके अलावा कप्तान ने पिछले माह चोरी की गाड़ी को रंग बदलवा कर इस्तेमाल करने के आरोप में सिपाही विपिन जावला को भी निलंबित किया था।



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