मेरठ: आंकड़ों के ‘खेल’ से नहीं लगेगा कोरोना पर अंकुश, एतराज जता चुके हैं सीएम योगी आदित्यनाथ


न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 21 Apr 2021 02:13 AM IST

सार

मेरठ में आंकड़ों के ‘खेल’ से तो कोरोना पर अंकुश नहीं लगेगा।

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मेरठ में आंकड़ों के ‘खेल’ से तो कोरोना पर अंकुश नहीं लगेगा। मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में मेरठ के 33 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ 15 दिखा रहा है। इतना ही नहीं शासन के आंकड़ों में भी फर्क है। शासन में भी जिले की 33 मौतें ही ज्यादा दर्शाई जा रही हैं।

शासन (लखनऊ) और मेरठ स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में पिछले साल से ही आंकड़ेबाजी का खेल किया जा रहा है। मेरठ स्वास्थ्य विभाग संख्या कम दिखा रहा है और शासन ज्यादा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मेरठ में अब तक 428 मौतें हुई हैं, जबकि शासन के हिसाब से 461 लोगों की जान कोरोना के कारण गई है। यह हालत तब हैं जबकि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर एतराज जता चुके हैं। वह सुधार की हिदायत दे चुके हैं।

इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि पोर्टल पर तुरंत अपडेट किया जाता है, जबकि स्वास्थ्य विभाग अपने आंकड़े हर मरीज की पड़ताल करने पर अपडेट करता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े सही हैं। कुछ मरीज दूसरे जिलों के होते हैं जो मेरठ के पते पर मेडिकल में भर्ती हो जाते हैं। इस वजह से भी आंकड़ों में अंतर आ रहा है। इसकी पूरी पड़ताल कराई जाएगी।

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विस्तार

मेरठ में आंकड़ों के ‘खेल’ से तो कोरोना पर अंकुश नहीं लगेगा। मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में मेरठ के 33 लोगों की मौत हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग सिर्फ 15 दिखा रहा है। इतना ही नहीं शासन के आंकड़ों में भी फर्क है। शासन में भी जिले की 33 मौतें ही ज्यादा दर्शाई जा रही हैं।

शासन (लखनऊ) और मेरठ स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में पिछले साल से ही आंकड़ेबाजी का खेल किया जा रहा है। मेरठ स्वास्थ्य विभाग संख्या कम दिखा रहा है और शासन ज्यादा। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मेरठ में अब तक 428 मौतें हुई हैं, जबकि शासन के हिसाब से 461 लोगों की जान कोरोना के कारण गई है। यह हालत तब हैं जबकि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पर एतराज जता चुके हैं। वह सुधार की हिदायत दे चुके हैं।

इस संबंध में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि पोर्टल पर तुरंत अपडेट किया जाता है, जबकि स्वास्थ्य विभाग अपने आंकड़े हर मरीज की पड़ताल करने पर अपडेट करता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े सही हैं। कुछ मरीज दूसरे जिलों के होते हैं जो मेरठ के पते पर मेडिकल में भर्ती हो जाते हैं। इस वजह से भी आंकड़ों में अंतर आ रहा है। इसकी पूरी पड़ताल कराई जाएगी।

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